ड्राई आई सिंड्रोम: जानें इसके कारण, लक्षण और रोकथाम के उपाए

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हेल्थ डेस्क.  ड्राई आई सिंड्रोम या आंखों का सूखापन एक ऐसी समस्या है जिसमे आंखों को लंबे समय तक पूरी नमी न मिलने पर आंखों में आंसू नहीं बन आते हैं इस वजह से आंखों की चिकनाहट चली जाती है. लैप्टॉप, मोबाइल, टीवी, एयर कंडीशन जैसी चीज़ों के लंबे इस्तेमाल से इन दिनों ड्राई आई सिंड्रोम बेहद आम समस्या बन गई है. ये लोगों का नेत्र चिकित्सक के पास जाने की यह एक बड़ी वजह है. ड्राई आई सिंड्रोम दो कारणों से होता है, एक अगर आंखों से बिल्कुल ही आंसू न निकले और दूसरा जब आपकी आंखों से खराब क्वालिटी के आंसू निकलते हों.

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ड्राई आई सिंड्रोम आपकी आंखों पर पर्याप्त लुब्रिकेसन (स्नेहन) और नमी की पुरानी कमी के कारण होता है. शुष्क आंखों के परिणामस्वरूप सूक्ष्म लेकिन निरंतर आंखों की जलन से लेकर काफी सूजन तक और यहां तक ​​कि आंख की सामने की सतह पर घाव का चिह्न पड़ सकता हैं.

ड्राई आई सिंड्रोम होने के कारण

  • उम्र बढ़ने के साथ भी लोग ड्राई आई सिंड्रोम का शिकार हो सकते हैं।
  • ज़्यादा देर तक लैप्टॉप या मोबाइल या एयर कंडीशन का इस्तेमाल।
  • रेडिएशन या इंफ्लामेशन की वजह से टियर ग्लैंड का डैमेज होना।
  • कॉन्टैक्ट लेंस को लंबे समय तक पहनना।
  • कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर, मुहांसे, गर्भनिरोधक गोलियां या फिर अन्य किसी बीमारी में हैवी डोज मेडिसिन का सेवन करना भी इस बीमारी का कारण बन सकता है।
  • गठिया, डायबिटीज, विटामिन ए की कमी और थायरॉइड आदि बीमारी भी इस आई सिंड्रोम के कारण बन सकते हैं।
  • सिस्टेमेटिक कंडीशन जैसे की स्जोग्रेन सिंड्रोम, रूमेटाइड अर्थराइटिस। यह भी कारण हो सकता है।

ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण

  • यदि आपको अक्सर देखने में चीजें धुंधली नजर आती है, तो ये ड्राई आई सिंड्रोम का एक लक्षण हो सकता है।
  • आंखों में जलन, खुजली और चुभन होना भी आंखों की इस समस्या का एक मुख्य लक्षण हो सकता है।
  • अक्सर आंखों का लाल होना भी ड्राई आई सिंड्रोम का एक लक्षण हो सकता है।
  • अगर कांटेक्ट लेंस पहनने में दिक्कत हो रही हो।
  • तेज रोशनी में देखने में दिक्कत होना या आंखों में जलन होना इस सिंड्रोम का एक लक्षण हो सकता है।
  • आंखों से सामान्य से ज्यादा म्यूकस का निकलना भी इस बीमारी का एक लक्षण हो सकता है।
  • रात के समय गाड़ी चलाने में दिक्कत होना।

ड्राई आई सिंड्रोम रोकने के उपाय 

  • आंखों को शुष्कता से बचाने के लिए अधिक देर तक कम्प्यूटर के सामने नहीं बैठना चाहिए या स्मार्ट फोन का अधिक प्रयोग, अधिक टी.वी. देखना, इन सबसे बचना चाहिए साथ ही आंखों में सीधी हवा न लगने दें, प्रदूषण और धूप में आंखों पर चश्मा लगाएं।
  • एक शोध के अनुसार आंखों में सूखेपन की समस्या उन लोगों को भी हो सकती है जो ज्यादा सिगरेट पीते हैं। इसलिए इस समस्या से बचने के लिए सिगरेट पीने ली लत को छोड़ दें।
  • आहार में सभी पोषक तत्वों को शामिल करें खासतौर पर विटामिन-ए जो कि आंखों के लिए बेहद ज़रूरी है। ताजा फल, सब्जियां, साबुत अनाज और नट्स जिनमें ओमेगा फैटी एसिड होते हैं। आवश्यक फैटी एसिड और पोषक तत्व आंखों के टियर फिल्म के पानी और तेल युक्त जलीय परतों के उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार होता है।
  • जब भी काफी ज्यादा हाई विंड वाली जगह पर जाना हो या आप हवाई यात्रा कर रहे हों तो उस समय कुछ मिनटों पर पलकों को झपकना ना भूलें। ऐसा करने से आंखों में लुब्रिकेशन बना रहता है।
  • धूप में बाहर निकलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्टिव सनग्लास जो आंखों को धूप की रोशनी और तेज हवा से बचाने का काम करते हैं।
  • अगर आपकी सूखी आंखें पर्यावरणीय कारकों के कारण ड्राई हो रही हैं, तो कुछ जीवन शैली में बदलाव करने की कोशिश करें, जैसे कि सिगरेट के धुएं के संपर्क में आने से बचना और हवा के चलने पर बाहरी गतिविधियों से बचें। घर में एक ह्यूमिडिफायर लगाने से हवा में नमी आती है, जिससे सूखी आंखों में मदद मिल सकती है।
  • अपनी डायट में विटामिन ए और ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा से ज्यादा रखें।

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