आखिरकार ट्विटर ने भारत के नए IT नियमों को मान लिया है। कंपनी ने भारत में अपना रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त किया है। ट्विटर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि उसने विनय प्रकाश को शिकायत अधिकारी बनाया है। सरकार ने 25 फरवरी को नए कानून लागू किए थे। इन नियमों का 3 महीने के भीतर यानी 25 मई से पहले पालन किया जाना था, लेकिन ट्विटर ने डेडलाइन खत्म होने के 46 दिन बाद इन नियमों का पालन किया है।
इससे पहले 27 जून को ट्विटर इंडिया के अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इनकी नियुक्ति कुछ हफ्ते पहले ही ट्विटर इंडिया ने नए IT नियमों के पालन के लिए की गई थी।
इसके साथ ही कंपनी ने 26 मई से 25 जून 2021 के बीच की अपनी पहली ग्रीवांस रीड्रेसल रिपोर्ट (अनुपालना रिपोर्ट) भी पेश की। नए नियमों के मुताबिक इस रिपोर्ट को पेश कराना अनिवार्य कर दिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने उत्पीड़न से लेकर प्राइवेसी के उल्लंघन जैसी वजहों से 133 पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा किया है और 18,000 से अधिक अकाउंट्स को बाल यौन शोषण और अश्लीलता की वजह से सस्पेंड भी किया है।
इसके अलावा कंपनी ने बताया है कि ट्विटर अकाउंट सस्पेंशन से जुड़ी 56 शिकायतों पर कार्रवाई की। इन सभी शिकायतों का समाधान किया गया और जरूरी रेस्पॉन्स संबंधित को भेजे गए। इनमें से 7 अकाउंट्स को हालात के मद्देनजर फिर से बहाल भी किए गए।
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दिल्ली हाईकोर्ट और संसदीय समिति ने ट्विटर से साफ शब्दों में कहा था कि देश का कानून सबसे ऊपर है और उसे मानना ही होगा। संसदीय समिति ने ट्विटर से पूछा था कि क्या आप भारत के कानून का पालन करते हैं? इस पर ट्विटर ने कहा था कि हम अपनी पॉलिसी को फॉलो करते हैं, जो देश के कानून के अनुसार है। इस दलील पर समिति ने आपत्ति जताते हुए कंपनी से तल्ख लहजे में कहा था कि हमारे यहां देश का कानून सबसे बड़ा है, आपकी पॉलिसी नहीं।