लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लॉकडाउन के मद्देनजर हर जिलों में तैयार किए गए हैं। योगी ने इन नियंत्रण कक्षों को राहत कार्यों की रीढ़ बताया है। उन्होंने कहा कि हर नियंत्रण कक्ष में एक नोडल अधिकारी तैनात कर उसका 24 घंटे संचालन सुनिश्चित किया जाए। कोरोना वायरस संक्रमण और उसके कारण देश भर में लॉकडाउन घोषित किया गया है।
आपदा की स्थिति में नियंत्रण कक्ष राहत कार्यों की होता है रीढ़
मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र का लोकार्पण करने के बाद कहा कि आपदा की स्थिति में नियंत्रण कक्ष राहत कार्यों की रीढ़ होता है। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों के नियंत्रण कक्ष में एक जिम्मेदार नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर 24 घंटे उसका संचालन सुनिश्चित कराएं।
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नियंत्रण कक्ष के माध्यम से त्वरित गति से राहत कार्यक्रम संचालित कराया जाए
उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष के माध्यम से त्वरित गति से राहत कार्यक्रम संचालित कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने के अभियान में बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक आवश्यक सुविधाएं और शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में नियंत्रण कक्ष की बड़ी भूमिका है।
बहुत कम समय में एकीकृत नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ने के लिए उन्होंने राजस्व विभाग की सराहना की
बहुत कम समय में एकीकृत नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ने के लिए उन्होंने राजस्व विभाग की सराहना भी की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी जिलों के नियंत्रण कक्ष से जुड़ा एकीकृत नियंत्रण कक्ष प्रदेश में राहत कार्यों के तेजी से संचालन में सहायक साबित होगा।
प्रदेश में हो चुके हैं 305 संक्रमित
कनाडा से लखनऊ में लौटी महिला 11 मार्च को संक्रमित पाई गई थी। इस महिला के उपचार में लगी डाक्टरों की टीम का एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर नमूने लेने के दौरान संक्रमित हो गया था और वह अब भी अस्पताल में भर्ती है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 16 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या सोमवार को बढ़कर करीब 305 हो गई है।